Google+ Followers

Sunday, April 14, 2013

क्या जीवन है/हाइकू


बालू का स्थल
जलाभास रश्मि से
तपती प्यास

प्रीति सुमन
नागफनी का बाग
व्यर्थ खोजना

तृप्ति कामना
घी दहकाए ज्वाला
पूर्ति आहुति

जीन यात्रा
हर क्षण रहस्य
रोना या गाना

गन्तव्य कहां!
लमकन जारी है
क्या जीवन है!
-विन्दु

5 comments:

  1. बहुत ही बेहतरीन हाइकू,आभार.

    ReplyDelete
  2. आपका सादर धन्यवाद आदरणीय राजेन्द्र महोदय।

    ReplyDelete
  3. बेहद सुन्दर और अर्थपूर्ण हाइकू | आभार

    सादर नमस्कार वंदना,
    बहुत सुन्दर लिंक चयन | मेरी रचना को सम्मिलित करने के लिए हार्दिक आभार और धन्यवाद् |

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

    ReplyDelete